2018 का ग्रोथ और डिक्लाइन का खेल – Tata और Maruti का ग्राफ चढ़ा तो Mahindra का गिरा!!

कौन रहा जहाँ का तहां और कौन बना सरताज!!

भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए 2018 का फेस्टिवल सीजन उतना उत्साहपूर्ण नहीं रहा. क्योंकि ये एक ट्रेंड ही बन गया है कि नये साल में कीमतें बढती हैं और साल के अंत में बम्पर डिस्काउंट मिलता है. इस साल भी सारे हथकंडे अपनाये गये पर पर सेल्स की सुई तेजी से नहीं घूमी.

अब चाहे ये दोष फ्यूल कीमतें बढ़ने के सिर मढ़े या ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने के. इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने से कार की लोन रेट्स पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है. उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं. बहरहाल हम भारत के मुख्य कार मेकर्स की सेल्स रिपोर्ट का जायजा लेंगे.

भारतीय रूपये की कीमत कम होना खुद ही अपने हालात बयाँ कर रहा है. लगातार इसमें उतार-चढ़ाव जारी है. इससे अनिश्चितता का वातावरण बन रहा है और मेन्युफेक्चरिंग पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.

अगर डोमेस्टिक स्टॉक मार्केट के हालात परखें जायें तो यहाँ तीन प्रमुख कम्पनियाँ हैं. जिनमें से Tata व Maruti Suzuki ने दिसंबर 2018 में 1 परसेंट की ग्रोथ दर्ज की है. वहीँ Mahindra ने 1 परसेंट की गिरावट की सूचना दी है. Hyundai, Honda, Toyota और Ford ने डोमेस्टिक मार्केट में क्रमशः 5, 4, 10, 15 परसेंट सेल्स बढ़ने की खबर दी है.

42k यूनिट्स की बिक्री के बाद Hyundai ने 5 प्रतिशत वृद्दि का आंकड़ा छुआ है. Ford ने भी 15 परसेंट की वृद्धि का स्वाद 6k यूनिट्स बेचकर चखा है. Renault 17 परसेंट और Nissan 75 परसेंट की सेल्स डिक्लाइन के बाद काफी सदमे में हैं.