भारतभर में 2.87 L kms की यात्रा के बाद न Bajaj Platina की रफ्तार मंद हुई न ओनर का जोश ख़त्म

5 lakh kms की यात्रा का अगला लक्ष्य तय

आज तक तो यही सुना था कि जिन लोगों को लंबी दूरी की कठिन यात्रा करने का शौक होता है वे specialized touring bikes खरीदते हैं पर इस मिथक को तोड़ा है महाराष्ट्र के सतारा जिले के कोरेगाँव निवासी विकास जगन्नाथ शिंदे ने. उन्होंने साबित कर दिया कि आर्थिक हालात कभी पैशन के आड़े नहीं आ सकते.

बचपन से ही लम्बी यात्रा के शौकीन शिंदे अपनी साइकल से ही मन बहला लिया करते थे. एक किसान के बेटे होने के नाते इतना बजट नहीं था कि कोई दमदार बाइक ले सकते. पर धीरे-धीरे कुछ सेविंग करके उन्होंने 15 अगस्त 2015 को एक Platina खरीदी जो कि 110 cc commuter bike है. अब तक इस पर वे 2,87,000 km की यात्रा सफलतापूर्वक कर चुके हैं. इतना साथ निभाने के लिये शिंदे इसे अपनी दूसरी पत्नी के ख़िताब से नवाज चुके हैं. शिंदे ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति प्रबल हो तो हर काम संभव है.

Bajaj Platina खरीदने के 15 दिन बाद ही शिंदे भारत भ्रमण पर निकल गये. उन्होंने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखण्ड, छतीसगढ़, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक व नार्थ इस्टर्न स्टेट्स का भ्रमण किया. YouTube channel Khoz India द्वारा लिया गया इंटरव्यू आप नीचे देख सकते हैं.

इसमें शिंदे ने अपने यात्रा के मजेदार अनुभव और चैलेंजेज शेयर किये हैं. साथ ही Platina की भरपूर तारीफ की है. उनकी मनाली यात्रा के दौरान अधिकारियों ने उन्हें ये कहकर रोक लिया कि ऊँचे पहाड़ी इलाके में जाने के लिएय Platina काफी छोटी है. अगर उन्हें Leh व Khardung La जैसे इलाकों में जाना है तो कोई और साधन लेना होगा. शिंदे कुल्लू के कलेक्टर से मिले और उन्हें आश्वस्त किया कि वे Platina के साथ इतने सहज है कि कहीं भी जा सकते हैं. उन्हें स्वीकृति मिल गई.

Bajaj Platina का फैन बनते उन्हें देर नहीं लगी क्योंकि इसने उनका साथ बखूबी निभाया. वहां के लोग कहने लगे कि पहली बार कोई इस उम्र का व्यक्ति इतनी छोटी बाइक पर इतनी ऊंचाई पर आसानी से आया है.

शिंदे ने बताया कि उनकी Platina आज भी बिलकुल चुस्त-दुरुस्त है और एक किक पर स्टार्ट होती है. रेगुलर सर्विस, आयल चेंज व टायर बदलने के सिवा कभी कोई समस्या नहीं आई. ये इतनी आरामदायक है कि 18 घंटे लगातार चलाने के बाद भी उन्हें कभी बदन दर्द, थकान आदि जैसी कोई समस्या नहीं हुई. उनका अगला लक्ष्य इसी Platina के साथ 5 lakh km की यात्रा का रिकॉर्ड बनाना है.