तो इस वजह से MH14 number plate वाले Bajaj electric rickshaw की टेस्टिंग बैंगलोर में हो रही है

अब Urbanite करेगा Bajaj का काम आसान

आज तक आपने यही सुना होगा कि Bajaj के हर व्हीकल की टेस्टिंग कंपनी मेन्युफेक्चरिंग बेस के निकट पुणे में ही होती है पर इस बार नजारा कुछ अलग था क्योंकि हाल ही में इनका नया इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा बैंगलोर की गलियों में वर्जिश कर रहा है.

अगर आपको सितम्बर 2018 में आयोजित हुआ MOVE Summit याद है तो आपको Bajaj का नया RE electric auto rickshaw भी याद होगा. उन्हीं दिनों इसे मुंबई के Sion में टेस्टिंग के दौरान देखा गया था. इस साल के अंत तक Bajaj Urbanite नाम से एक ब्रांड लाँन्च करने वाले हैं जो विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिये बना है.

अब आपकी हैरत हम ये बताकर दूर कर देते हैं कि बैंगलोर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का गढ़ है और वहां इनके लिये बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर है इसीलिए कंपनी वहां इसे आजमा रही है. आपकी जानकारी के लिये हम ये भी बता दें कि Bosch, Continental जैसी अग्रणी कम्पनियाँ भी बैंगलोर में ही स्थित है. बस मजेदार बात ये है कि जिस मॉडल को अभी टेस्ट किया जा रहा है उस पर MH14 number plate लगी हुई है जो पुणे के पिंपरी-चिंचवड क्षेत्र की है.

हालाँकि ये test mule काफी शानदार camouflage में था पर हमारी पारखी नजरों से इसके स्वरूप परिवर्तन के बिंदु छिप न सके. सबसे पहले तो ये रेगुलर रिक्शा से डाइमेंशन में कम है, ये बात पता चली. इसमें tail pipe का नदारद होना भी लाजिमी ही है क्योंकि EV में इसकी क्या जरूरत?? इस टेस्ट मॉडल के soft top, bright red tail lamps काफी नफीस लगे. हमें पूरी उम्मीद है कि इसमें digital instrument cluster, fire extinguisher, powerful headlights जैसे उम्दा फीचर्स भी होंगे.

इसकी रेंज 120 kms होगी और टॉप स्पीड 45 kmph. इस फोर सीटर (driver व 3 passenger) ऑटो रिक्शा का कर्ब वेट 400 kgs होगा. इसकी 48 volt lithium batteries को swap करके छ घंटे में board charger द्वारा चार्ज किया जा सकेगा.

अब देखना ये है कि Bajaj electric auto rickshaw Mahindra Treo के आगे कितना टिक पाता है. जबसे भारत सरकार ने EV subsidiary के लिये FAME 2 scheme चालू की है, बहुतेरे मेंयुफेक्चररर्स इस दिशा में काम कर रहे हैं. आगामी तीन सालों में EV कस्टमर्स को Rs 10,000 crores दिये जायेंगे.