कम सेल्स का दिख रहा है असर; Car की डीलरशिप हो रही है कम

मंदी का तूफ़ान चला ऑटोमोबाइल सेगमेंट में; दिग्गज भी आये चपेट में

Honda Amaze

अगर पिछले पांच सालों का जायजा लें तो भारतीय पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री के लिये पिछला साल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. डिस्काउंट व ऑफर्स की बौछार भी गिरती सेल्स को नहीं संभाल पाई. इसके लिये कई कारण गिनाये जा रहे हैं जैसे – फ्यूल की कीमतों में उछाल, insurance costs का बढ़ना, financing की कमी, low liquidity levels इत्यादि .

अभी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में विचित्र-से दृश्य देखने को मिल रहे हैं. एक ओर नये मॉडल्स नित्य लाँन्च हो रहे हैं, गवर्नमेंट सब्सिडी के चलते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की पूँछ बढ़ रही है तो दूसरी ओर कुछ कम्पनियों की डीलरशिप बंद होने के कगार पर हैं.

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की राय में देशभर में 15,000 authorized dealer principals है जो 25,000 sales points मैनेज करते हैं. इनमें से मात्र 30% ही फायदे का सौदा है. जहाँ डीलर्स का लक्ष्य 8-12% अर्जित करना है वहीँ कुछ डीलरशिप तो मात्र 1-2 परसेंट ही कमा पा रही है. भारतभर के डीलर्स ने जरूरत से ज्यादा ही स्टॉक कर रखा है.

डीलर्स के सामने भी कम चुनौतियां नहीं है. उन्हें निवेश बढ़ाने से लेकर मैनपॉवर कॉस्ट बढ़ाना, expansion plans, low liquidity and high cost of funding जैसी बातों से दो-चार होना पड़ता है. चाहे मॉडल लो सेलिंग ही क्यों न हो; उन्हें स्टॉक तो रखना ही पड़ता है. शहरों में कैब सर्विस के चलते व्हीकल सेलिंग में गिरावट आ रही है.

इस तरह से डीलरशिप्स के बंद होने का परिणाम Rs.2,000 करोड़ के नुकसान के रूप में सामने आया है. 205 डीलर्स ने देशभर में 300 से ज्यादा आउटलेट्स बंद कर दिये हैं. 3,000 लोगों को अपनी जॉब से हाथ धोना पड़ा. इसका असर सिर्फ फोर वीलर्स इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि टूवीलर्स पर भी देखने को मिल रहा है.

GST के व्यापक असर से इंकार नहीं किया जा सकता है. जुलाई 2017 में इसके लागू होने से पहले डीलर्स को सेल्स टैक्स व VAT अदा करना होता था. अब साथ ही GST रिटर्न भी इसी माह में पे करना होता है. इससे शहरी क्षेत्रों की वर्किंग केपिटल काफी प्रभावित होती है.

अब Nissan व Hyundai इसी मर्ज से ही तो पीड़ित हैं. 38 Nissan व 23 Hyundai डीलर्स ने पिछले दो सालों में अपनी डीलरशिप बंद कर दी है. Maruti Suzuki, Mahindra, Tata Motors व Honda की भी 9-12 डीलरशिप इस चपेट में आई हैं. इनमें से महाराष्ट्र में 56, बिहार में 26, केरल व राजस्थान में 19 डीलरशिप बंद हो गई है.