Electric Scooter vs Petrol Scooter – एक तुलनात्मक प्रयास; जानिये फायदे व नुकसान

नीति आयोग के CEO; अमिताभ कांत ने बताया इलेक्ट्रिक स्कूटर को शानदार पर फ़िलहाल फिट नहीं हो रहे हैं फ्रेम में जनाब.

Bajaj Chetak electric image for reference.

फर्ज कीजिये आपको एक नया स्कूटर लेना हैं. आप पेट्रोल वाला चुनेंगे या इलेक्ट्रिक?? पड़ गये न दुविधा में! यही कशमकश तो सबको हैरान कर रही है. चलिये हम इन ही तरह के स्कूटर्स की तुलना करके इनके गुण-दोषों का विवेचन करते हैं.

कीमत: आज भी भारतीय कस्टमर्स कीमत पर बहुत ज्यादा विचार करते हैं. FAME II subsidy मिलने के बावजूद भी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को हम सस्ता नहीं कह सकते. और जो सस्ते हैं; उनकी लो रेंज, कम स्पीड, कमतर डीलर नेटवर्क हमारे कदम रोक लेती है.

Running cost: इलेक्ट्रिक स्कूटर इस मामले में बहुत ही सस्ता है. इसकी रनिंग कॉस्ट जरूर आपको आकर्षित करेगी.

Ather electric scooters.

Ather electric scooters.

चार्जिंग बनाम फ्युलिंग: पेट्रोल स्कूटर में फ्यूल भरवाना बेहद आसान है. हम सालों से इसके आदी हो चुके हैं. फ्यूल स्टेशन जाओ और मिनटों में फ्यूल भरवा आओ. दूसरी ओर घंटों तक इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को चार्ज करना. कितना भी फास्ट चार्जर लो एक घंटा तो लगेगा ही. जब फ्यूल स्टेशन की तरह  battery swapping infrastructure विकसित हो जायेगा तब चीजें आसान हो जायेगी.

Range: top-rated electric scooters भी 80-100 km की रेंज ऑफर कर रहे हैं. डेली यूज के लिए तो ठीक है लेकिन लंबी दूरी जाना रिस्की हो सकता है. वहीँ पेट्रोल व्हीकल के साथ आप बिना किसी डर के कितना भी दूर जा सकते हो.

Maintenance cost: वैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की मेंटेनेंस बेहद आसान है. हालाँकि इस तथ्य को लंबे समय के आधार पर भी परखा जाना बाकी है. वैसे हम इंकार नहीं कर सकते कि कुछ समय बाद हमें रेगुलर सर्विसिंग; आयल बदलवाने जैसी बोरिंग चीजों से छुट्टी मिल जायेगी.

Apartment conundrum: कई शहरों में जहाँ लोग बड़े अपार्टमेंट्स में रहते हैं वहां पार्किंग एरिया में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है. हालाँकि कई इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी हटाई जा सकती है पर फिर भी ये है तो मुश्किल काम ही.

Environment factors: BS-VI पेट्रोल इंजन काफी क्लीन है पर इलेक्ट्रिक स्कूटर में एग्जॉस्ट पाइप न होने से वो पर्यावरण के लिए बेहद सुरक्षित है. अगर आपको है पर्यावरण से प्यार तो आप इलेक्ट्रिक स्कूटर ही चुनेंगे जनाब.

अगर हमें इलेक्ट्रिक स्कूटर की पहुँच घर-घर तक बनानी है तो हमें इसे किफायती रखने के साथ ही इसका चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा.