जानिये कौनसा हेलमेट है आपके लिये बेहतर – Hydraulic press weight टेस्ट बतायेगा हकीकत

हेलमेट में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल नहीं होना चाहिये नजरंदाज

अगर आपको ऑटोमोबाइल असेसरीज की मजबूती जाननी है तो यूट्यूब पर Hydraulic Press Channel आपको पूरी जानकारी देने में सक्षम है. वे विस्तार से बताते हैं कि जब automotive items (like alloys) पर अत्यधिक compressive load हो तो चीजों की क्या हालत होती है.

इस बार के वीडियो में उन्होंने हेलमेट पर परीक्षण किये हैं. अलग-अलग तरह के हेल्मेट्स को hydraulic press में दबाने पर क्या परिणाम होता है. इस टेस्ट को ‘Specialized’ bicycle helmet brand द्वारा स्पांसर किया गया है. इसमें मानव के सिर के हिस्से को दर्शाने के लिये कैबेज का इस्तेमाल किया गया है. वैसे आपमें से कई लोग आश्चर्य करेंगे कि बंदगोभी व मानव खोपड़ी की क्या समता?? कुछ लोगों ने तो इस वीडियो को रिसर्च के बजाय फन ज्यादा करार दिया है.

वैसे आपको half helmets को फुल फेस्ड के साथ तुलना करना भी अजीब ही लगेगा क्योंकि loading conditions अलग होती है. फुल फेस हेल्मेट्स hydraulic press’ brunt को सहन करने में सक्षम होते हैं.

इस वीडियो में आपको सबसे ज्यादा ये बात पसंद आयेगी कि एक जैसे ही दिखने वाले हेल्मेट्स को क्रश करने पर अलग-अलग हाल होता है क्योंकि उनमें इस्तेमाल किया गया मटेरियल अलग होता है. वैसे आपकी जानकारी के लिये हम ये भी बता दें कि hydraulic press test कोई स्टैण्डर्ड टेस्ट नहीं है. तो रियल लाइफ क्रेश की वास्तविक लोडिंग कंडीशन इसके द्वारा पता लगना नामुमकिन है.

इस वीडियो से जो सबसे खास मैसेज मिलता है वो ये है कि कीमत में किफायती हेलमेट भले ही दिखने में आकर्षक लगे पर उनमें इस्तेमाल मटेरियल काफी हल्का होता है जिससे वो कमजोर सिद्ध होते हैं. इसलिए चाहे आप किसी भी किस्म का टूवीलर चलाये पर हेलमेट हमेशा अच्छे मटेरियल का ही खरीदें ताकि आपकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. साथ ही हाफ के बजाय फुल फेस हेलमेट को वरीयता दें क्योंकि ये पूरे सिर को ढक लेता है.

इस तरह निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि Specialized helmet लाइफ सेवर होते हैं. इनमें built-in sensor लगा होता है जो क्रेश को डिटेक्ट कर लेता है. स्मार्टफोन एप के इस्तेमाल से क्रेश नोटिफिकेशन भेजना भी संभव है.