Honda Activa electric scooter के लाँन्च की योजना; किफायती होगा तो लोग खरीदेंगे बेहताशा

feasibility study के लिए चाइना से इम्पोर्ट किये कुछ मॉडल; चल गये तो अपना ही होगा मार्केट.

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अब जब भारत में नित नये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बहार आ रही है तो दिग्गज टू वीलर मेकर्स का इस फील्ड में उतरना तो लाजिमी ही है. हालाँकि ऑफिशियली भले ही किसी ने एंट्री नहीं की है पर वे निगाहें जमाये हुए हैं.

वैसे शायद अगले साल Bajaj इस सेगमेंट में एंट्री कर लें. उनका Urbanite range of e-scooters तो तैयार ही है. Mahindra भी हो सकता है अगले साल ही दंगल में उतरे. इसी बीच Yamaha व Honda ने भी इस दंगल में अपने प्रतिद्वन्दी उतारने की घोषणा कर दी है.

HMSI पहले भी बता चुके हैं कि वे भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पर एक स्टडी कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने चाइना से नये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स इम्पोर्ट किये हैं. भारत में Honda electric scooters की स्टडी व टेस्टिंग 2020 से शुरू होगी.

Honda electric scooters

चाइना में Honda electric scooters

Honda ने चाइना में 11 electric scooters लाँन्च किये और भारत में एक भी नहीं. इन्हीं में से कुछ किफायती व एंट्री लेवल स्कूटर्स यहाँ लाने का खयाल Honda के दिमाग में है. जैसे ही रिसर्च किसी निष्कर्ष पर पहुँचती है HMSI इन्हें सस्ती दरों पर भारत में भी तैयार कर सकते हैं. वे अपने प्रसिद्ध Activa moniker का इस्तेमाल करते हुए भारत के सिरमौर Honda Activa को भारत के पहले e-scooter के रूप में लाँन्च कर सकते हैं.

HMSI ने 2018 Auto Expo में PCX इलेक्ट्रिक स्कूटर शोकेस किया. ये मॉडल भारत में बहुत ही महंगा पड़ रहा था इसलिए इसे होल्ड पर रखा गया है.

इसी साल की शुरुआत में HMSI ने ये भी खुलासा किया कि वे Hero MotoCorp, Bajaj Auto व TVS Motor Company जैसे दिग्गजों से बैटरी स्वैपिंग व चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कॉलेबोरेशन कर सकते हैं. शायद उन्हें ये खयाल EV की बैटरी स्वैपिंग की बाबत हुए Kawasaki, Yamaha व Suzuki के करार के बाद आया.

हाल ही में Ministry of Road and Transport ने 2025 तक सभी टूवीलर्स व 2023 तक सभी 150 cc के नीचे के थ्री वीलर्स के एलेक्ट्रिफिकेशन का प्रस्ताव रखा है. कई मेन्युफेक्चरर्स का मानना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के mass adoption के लिए इस तरह की डेडलाइन निश्चित करना पूरी तरह से अव्यवहारिक है.

इसी बीच HMSI अपने सभी 16 टूवीलर्स को BS VI emission norms से अपग्रेड करने के लिए प्रतिबद्धहै. इसमें उनका इन्वेस्टमेंट Rs.2,400 crores का है.