सबकी सेल्स रफ़्तार है मंद पर Honda साबित हो रही है दबंग

बहुतेरे कारण रहे हैं आंचल पसार; कब सेल्स बढ़ेगी; इस सवाल का नहीं है कोई जवाब

Honda Amaze

भारत में पैसेंजर व्हीकल के आंकडें 2018 में काफी शोचनीय रहे. उम्मीद थी हालात बेहतर होंगे पर इस वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में उभरती धुंधली तस्वीर ने मन बोझिल कर दिया. पिछले साल के मुकाबले इस महीने में 16.7% की गिरावट आई है. सिवाय एक के सभी मेन्युफेक्चरर निराश हैं और वो खुशकिस्मत कौन है जिसकी सेल्स बढ़ी है??

इस महीने Honda Cars India ने 23% की ग्रोथ दर्ज करवाई है. पिछले साल अप्रेल में इनकी 9,143 यूनिट्स बिकी थी जो इस महीने बढ़कर 11,272 हो गई है. हालाँकि इस परफॉरमेंस से हम हालात का पूरा जायजा नहीं ले सकते क्योंकि पिछले साल अप्रेल में new Amaze लाँन्च नहीं हुई थी. इनकी तरक्की में इसका अहम योगदान है.

भारतीय पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की उस्ताद Maruti Suzuki ने 19.6% (1,31,385 units) की गिरावट दर्ज करवाई है. इनकी Nexa premium outlet chain काफी कमजोर साबित हुई. वो तो Baleno ने इनकी लाज बचा ली है. अप्रेल 19 में इन्होंने 2% of market share भी खोया है. हालाँकि ये इतने बड़े दिग्गज है कि आज भी 53.5% के आँकड़े के साथ आधे मार्केट पर इन्हीं का कब्ज़ा है.

Hyundai का मार्केट शेयर 1.3% (at 17.7%) के साथ बढ़ा जरूर है पर सेल्स वॉल्यूम 10% व 42,005 यूनिट्स तक कम हुआ है. Mahindra भी 8% (18,901 यूनिट्स जिसमें Supro व Maxximo शामिल नहीं है) की गिरावट के साथ इसी श्रेणी में शामिल है. हाल ही में लाँन्च हुई XUV300 sub-4m SUV ने कुछ हद तक हालत संभाल लिये हैं.

Tata Motors 26%, FCA 36.2%, Volkswagen 36%, Renault 16% व Toyota 22% के साथ इस अप्रैल में ग्रोथ के रास्ते पर हैं. अब इस छोटे-मोटे के अलावा सबसे ज्यादा निराश किया है Nissan व इसके अलहदा ब्रांड Datsun ने जो 42.5% की गिरावट के साथ बेहद चिंताजनक हालत में हैं. Nissan Kicks compact crossover व फेसलिफ़्टेड Datsun Go की बात न करें तो इन दोनों ब्रांड्स ने मिलकर पिछले महीने मात्र 2,027 यूनिट्स ही बेचीं है.

इस मंदी की मार में 3,000 जॉब्स चली गई है. भारतभर में 205 कार डीलर्स के 300 outlets बंद हो चुके हैं. Rs 2,000 करोड़ का नुकसान हुआ है. Nissan के 38 डीलर्स अपना काम समेत चुके हैं. 23 Hyundai डीलर्स के बोरिया बिस्तर बंध गये हैं. Tata, Honda, Maruti, Mahindra की भी 10-12 dealerships बंद हो गई है.

वैसे भी हालत दिन-प्रतिदिन बदतर हो रहे हैं, तिस पर इलेक्शन का कहर! commodity prices का बढ़ना, unfavorable exchange rates, सुरक्षा व emission regulations ने कोढ़ में खाज का काम किया है. भविष्य में हालात सुधर जायेंगे – इस बारे में भी कोई नहीं बोल रहा है.