Honda CB Shine ओनर को महंगा पड़ा वायरल वीडियो बनाने का शौक; रेलवे पुलिस ने किया अरेस्ट

YouTube पर वीडियो हुआ वायरल; पुलिस हुई सक्रिय

रूपये और प्रसिद्धि की चाह इंसान को इस कदर अंधा बना देती है कि उसे अपने आसपास के लोगों का जीवन खतरे में डालने से भी कोई गुरेज नहीं होता. कभी-कभी तो पढ़े-लिखे लोग भी ऐसे कारनामे करते हैं कि अनपढ़ भी शायद उनसे जादा समझदार हो. ऐसा ही वाकया आंध्रप्रदेश के चेल्लोर, चित्तोड़ में हुआ जहाँ B Tech ग्रेजुएट; Kongara Remireddy ने वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए अपनी Honda CB Shine बाइक को चलती ट्रेन के आगे ट्रैक पर रख दिया.

इतने से भी उन्हें संतोष नहीं हुआ तो एक LPG गैस सिलेंडर को भी ट्रेन के आगे रखकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया. सौभाग्य से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. जैसे ही ये मूखर्तापूर्ण वीडियो Youtube व दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल होने लगे; पुलिस ने अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी.

इससे पहले भी रामीरेड्डी फल, सब्जी, चिकन, खिलौने, पटाखे, व सायकल चेन जैसी विभिन्न चीजें ट्रेन के आगे रखकर वीडियो बना चुके है. पर इस बार Honda CB Shine और गैस सिलेंडर रेलवे ट्रैक पर रखना तो सरासर पागलपन है.

अब तक रामीरेड्डी यूट्यूब पर 47 वीडियो अपलोड कर चुके हैं जिनमें से 43 में खतरनाक चीजें ट्रैक पर रखी गई है. अधिकारियों को इस बाबत शिकायतें तो मिल रही थी लेकिन वे रामीरेड्डी को तब तक नहीं पकड़ पाये जब तक उन्होंने इस हालिया वीडियो में बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं देखा.

इन वीडियोज को Chittoor डिस्ट्रिक्ट के रेलवे जंक्शन के आस-पास रिकॉर्ड किया गया है. इसमें साफ़ नजर आ रहा है कि रेलवे ट्रैक के एक ओर तो बाइक व दूसरी ओर गैस सिलेंडर रखा हुआ है. ट्रेन के स्पॉट पर आने से पहले बाइक को तो हटा लिया गया पर सिलेंडर वहीँ पड़ा था जो बाद में ट्रेन की टक्कर से एक ओर गिर पड़ा. सबके मन में यही सवाल है अगर वो ब्लास्ट हो जाता तो?

रामीरेड्डी को इन वीडियो से फेम तो मिला पर वो Railway Protection Force police की नजरों में आ गया. उसे section 153 – रेल द्वारा सफर कर रहे यात्रियों के जीवन व सुरक्षा को स्वेच्छा से या omissions द्वारा खतरे में डालना व section 143 – trespassing of railways under Railway Act 1989 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.

भारत में रेलवे क्रोसिंग पर आसान पहुँच होने की वजह से ऐसे खतरनाक स्टंट होते रहते है जिन्हें रेलवे अधिकारियों द्वारा बैन भी किया गया है. ऐसे बहुत-से मामले सामने आये जिनसे नुकसान भी हुआ और जानें भी गई.

भारत में तो समय बचाने के चक्कर में लोग इतने साहसी हो जाते हैं कि वे ट्रेन आने के समय पर भी रेलवे क्रासिंग पार करने का दुस्साहस करते हैं. हालाँकि इस विषय में जागरूकता लाने के प्रयास भी हुए हैं पर दुर्घटनाएं घट ही जाती है.