Hyundai Creta, i20, Grand i10, Santro की सबस्क्रिप्शन बेस्ड ओनरशिप होगी आसान

शर्तें कम; सुविधा ज्यादा – आपकी सुविधा व बचत का पक्का वादा

Hyundai Motor India Ltd (HMIL) ने हाल ही में ‘Hyundai Subscription‘ लाँन्च की घोषणा की है. देखना ये है कि Hyundai व Revv की ये पार्टनरशिप क्या गुल खिलायेगी. वैसे प्लान काफी सिंपल है. आपने इन दिनों लीज पर गाड़ियाँ लेने की बाते तो सुनी-समझी ही है. वैसे ही कस्टमर्स को कम शर्तों के साथ ज्यादा सुविधा देने के उद्देश्य से ये ओनरशिप मॉडल तैयार किया गया है.

Hyundai ने अपनी सबसे ज्यादा प्रसिद्ध कार्स- Creta, i20, Grand i10 व Santro को भी इस नये मॉडल में शामिल किया है. shared mobility growth अब स्वीकार्य बनता जा रहा है. 2016 में 900 million USD से बढकर ये 2018 में 1.5 billion USD हुआ और उम्मीद है कि 2020 में ये 2 billion USD और बढेगा. भारत में वर्तमान में 15,000 sharing vehicles है जिनके 2020 में 50,000 होने की व 2022 में 150,000 होने की उम्मीद है.

भारत में बढती जनसंख्या के मद्देनजर car sharing services में काफी अच्छा स्कोप है. Hyundai ने वक्त की नब्ज पहचानते हुए अपने ‘Shared’, ‘Connected’ व ‘Zero Emission Mobility के विजन को पहली बार भारत में साकार किया है.

Hyundai का ये pilot project 2019 की पहली तिमाही में संभव हो जायेगा. ये छ शहरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, बैंगलोर व हैदराबाद में उपलब्ध होगा. Hyundai Subscription ने कस्टमर्स को ये फ्लेक्सिबल ओनरशिप प्लान उपलब्ध करवाया है जिसमें short term / long term- ये दो तरीके शामिल है.

इस financial tool का सबसे बड़ा फायदा है जीरो पेमेंट. यहाँ तक के छोटे समय के सबस्क्रिप्शन के लिये भी no insurance / maintenance, assured-on demand delivery जैसी सुविधाएँ पेश की गई है. जिन कस्टमर्स ने एक साल या उससे ज्यादा का सब्सक्रिप्शन लिया है उन्हें ब्रांड न्यू कार मिलेगी. सब्सक्रिप्शन कम होने पर यूज्ड कार मिलेगी.

Hyundai Motor India Ltd, के सीनियर डायरेक्टर, सेल्स व मार्केटिंग, SJ Ha को भारत में इस प्लान की सफलता की अपार संभावनायें नजर आती है. उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही ये कंसेप्ट मार्केट में कंपनी का एक नया बाजार स्थापित कर देगी.

कार मेकर्स को नई कार्स की बिक्री में कई परेशानियाँ सामने आ रही है. कस्टमर्स को लुभाने के लिये वे नये तरीकों की तलाश में है. इसीलिए लीजिंग व सबस्क्रिप्शन जैसी कन्सेप्ट्स चलन में आ रही है.