Mahindra Verito Electric हुई इंडियन आर्मी की खिदमत में पेश; EESL का EVs के प्रोमोशन में उम्दा रोल

प्रदूषण घटाने, फ्यूल एफिशियेंसी बढ़ाने में EESL प्रोजेक्ट की भूमिका सराहनीय

भारत को प्रदूषणरहित बनाने की दिशा में EESL project काफी कारगर सिद्ध हो रहा है. इन्होंने बहुत-से गवर्नमेंट इंस्टिट्यूशंस को इलेक्ट्रिक कार्स डिलीवर की है. इसी कड़ी में अब इंडियन आर्मी का नाम जुड़ गया है. पहली खेप में उन्हें 10 इलेक्ट्रिक कार्स डिलीवर की गई है.

आप अगर फोटोज देख रहे हैं तो ये स्पष्ट हो जायेगा कि ये सब Mahindra Verito electric या eVerito है जिन्हें लेफ्टिनेंट जनरल; Gopal R ने flagged off किया. इस पायलट प्रोजेक्ट को लाँन्च करने में Energy Efficiency Services Ltd (EESL) की पार्टनरशिप ने अहम भूमिका अदा की. साथ में Central PSUs under Ministry of Power का सहयोग भी सराहनीय है.

Mahindra (Verito EV) व Tata Motors (Tigor EV) द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक कार्स के पहले बैच को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें बाद में और भी EVs जुड़ेगी. आर्थिक दृष्टि से तो ये फायदेमंद रहेंगे ही, साथ ही राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम होगा.

Electric Verito

ये बात सभी को पता है कि वायु प्रदूषण की समस्या यहाँ विकराल रूप ले चुकी है. गवर्नमेंट भी कार्बन एमिशन कम करने के प्रयास में जुटी है और इलेक्ट्रिक व्हीकल के R&D व मेन्युफेक्चरिंग के प्रोत्साहन में Tata व  Mahindra ने कोई कसर बाकी नहीं रखी है. गवर्नमेंट एजेंसीज को इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रयोग हेतु EESL काफी प्रोत्साहित कर रही है.

केन्द्रीय सरकार भी इनके प्रोमोशन में काफी दमखम से लगी है. Goods and Services Tax Council ने तो रेट्स 12% से घटाकर 5% कर दी है जिससे EVs की कीमतों में Rs.50,000-Rs.1.5 lakhs तक की कमी आयेगी.

वर्तमान NDA सरकार ने यूनियन बजट में Rs.1.5 lakhs के tax rebate की घोषणा की है. लोन रीपेमेंट की पूरी अवधि के लिए इंटरेस्ट में Rs.2.5 lakhs की छूट भी पेश की गई है.

national e-mobility program के तहत भारतीय सरकार ने प्रतिवर्ष 50 million liters फ्यूल बचाने का लक्ष्य रखा है. जिससे CO2 emissions 5,69,000 tonnes तक कम होगा. उम्मीद है इससे मोबिलिटी बिल में भी कटौती होगी क्योंकि इलेक्ट्रिक कार की अनुमानित per km कॉस्ट 0.85 paise है जबकि नार्मल कार्स में यही Rs.6.5 है.