Royal Enfield पर लगा patent infringement का आरोप; जानिये कैसे किया कंपनी ने डिफेंड

Flash Electronics India ने दायर किया वाद

हाल ही में Royal Enfield को एक कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका की Flash Electronics’ नामक कंपनी ने वाद दायर किया है कि RE ने उनके पेटेंट का उल्लंघन किया है. कंपनी ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि – “Royal Enfield (Eicher Motors Ltd. की यूनिट) एक जिम्मेदार कंपनी है जो पिछले 60 सालों से कानूनन सफलतापूर्वक काम कर रही है.

हालाँकि Flash Electronics Pvt Ltd. ने ऑफिशियली हमारे साथ कोई बातचीत नहीं की है पर ये सूचना मिली है कि उन्होंने हमारे खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा किया है कि हमने अपने कुछ मॉडल्स में उनके पेटेंट का इस्तेमाल किया है.

हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि ये component हमें एक बाहरी proprietary supplier ने सप्लाई किया है जो कि स्वतंत्र रूप से इसे डवलप भी करते हैं और IP rights पर उनका हक़ भी है. उस सप्लायर ने खुद वादी के दावों को नकार दिया है. हम भी अपने US counsels से कानूनी सलाह ले रहे हैं और मामले की तह तक पंहुचने की कोशिश कर रहे है.”

अब आपको लग रहा होगा कि RE ने ये क्या कर दिया. ये पेटेंट उल्लंघन ‘Regulator Rectifier Device and Method for Regulating an Output Voltage के बारे में किया गया है. Flash Electronics ने 20 फरवरी 2018 में इसके लिये United States Patent & Trademark Office (USPTO) से पेटेंट लिया था.

Flash Electronics अपने regulator-rectifier बहुत-से टू वीलर मेंयुफेक्चरर्स को सप्लाई करती है. इस regulator-rectifier का काम बाइक इंजन में उत्पन्न होने वाले AC (Alternating Current) voltage को DC (Direct Current) voltage में बदलने का है. ये बैटरी चार्ज करने, हेडलाइट पॉवर करने का व इंस्ट्रूमेंट पैनल लाइट अप करने के काम आता है. इस तरह ये बाइक के इलेक्ट्रिक सिस्टम को चार्ज करता है.

Royal Enfield का दावा है कि ये ही पार्ट कंपनी को सप्लाई किया गया है जो कि IP rights के तहत सप्लायर द्वारा डवलप किया जाता है. RE की इसमें कोई भूमिका नहीं है.

यही पार्ट USA में बिकने वाली कुछ Royal Enfield बाइक्स में लगाया गया था. US के मार्केट में कंपनी केवल 500cc से ऊपर की बाइक्स बेचती है. वैसे एक खास बात ये कि Royal Enfield की डोमेस्टिक सेल्स  2019 में ज्यादा अच्छी नहीं रही है. इस साल उन्होंने 9.5 lakhs यूनिट्स के प्रोडक्शन का टारगेट रखा है जो पिछले साल हासिल करने से वे चूक गये थे.