IITians ने सेल्फ बैलेंस के लिए नया स्कूटर किया ईजाद; देखना है Honda concept से कितना किफायती है अंदाज

अब इंतजार रहेगा Liger Mobility के अपने इलेक्ट्रिक टू वीलर का

लंबे समय से सेल्फ बैलेंस बाइक्स की कंसेप्ट पर बात हो रही है. हालाँकि अभी तक ये तकनीक किसी भी प्रोडक्शन टू वीलर ने चालू नहीं की है पर Yamaha व Honda जैसे दिग्गज इस पर रिसर्च व डवलपमेंट में व्यस्त है. ये काफी महंगी है. लेकिन हाल ही में IIT Bombay incubated EV startup यही तकनीक किफायती दाम पर लेकर आये हैं.

दो IIT ग्रेजुएट्स ने मिलकर Liger Mobility (http://www.ligermobility.com/) की स्थापना की है. ये तकनीक किसी भी ऑटोमेटिक स्कूटर में इनस्टॉल की जा सकती है. इसमें स्कूटर की कीमत का 10% खर्च आता है. उदहारण के लिए अगर Honda Activa की कीमत Rs 60k है तो आपको इस तकनीक के लिए मात्र Rs 6k खर्च करने होंगे.

ये तकनीक कैसे काम करती है; इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है. हाँ; अगर आपको परफॉरमेंस के बारे में जानकारी चाहिये तो नीचे दिये वीडियो से आपको पूरा अंदाजा लग जायेगा. ऐसा भी नहीं कि ये विश्व की पहली self-balancing two wheeler technology है लेकिन भारत में जितने भी प्रयास अब तक हुए हैं उनमें यही सबसे किफायती है.

इसके को-फाउंडर्स विकास पोद्दार (IIT Madras) व आशुतोष उपाध्याय (IIT Kharagpur) का कहना है कि इस तकनीक में आपको मात्र 10% रुपया और खर्च करना है पर इससे आपका टूवीलर सेफ और इंटेलीजेंट बन जायेगा. उनके पास एक प्रोटोटाइप भी है जिससे वौइस् कमांड व पार्किंग के लिए रिस्पांस भी मिलता है.

Liger Mobility team ने ये चमत्कार रातोंरात नहीं किया. इसमें उन्होंने हजारों lines of code, अनेकों प्रोटोटाइप्स व डवलपमेंट वर्क में दो साल का समय लगाया तब जाकर सफलता मिली. इसके लिए एक्यूरेट सेंसर्स, quick actuators (like servo motors) व एक robust algorithm की जरूरत होती है. Liger self-balancing स्कूटर प्रोटोटाइप में आपको ये सब मिलेंगे.

Honda self balancing motorcycle concept

Honda self balancing motorcycle concept             

फ़िलहाल इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको प्रोडक्ट की ज्यादा जानकारी नहीं मिलेगी. कंपनी अभी अपने शुरूआती दौर में ही है.

चुनौतियों से भरपूर ये तकनीक बाइक को स्थिर रखने के अलावा उपयुक्त बैटरी पॉवर काम में लेती है. देखना ये है कि Liger इन मानकों पर कितना खरा उतरते है.

अपने इन्हीं बेनेफिट्स के चलते ये तकनीक सेफ्टी, किफायत देते हुए टू वीलर्स की एक पहचान बन जायेगी. इनका भविष्य उज्जवल है.