Tata Nexon ओनर का हेलमेट न पहनने पर कटा चालान

जल्दबाजी में चालान के अदल-बदल होने की संभावना से भी नहीं किया जा सकता है इंकार

Tata Nexon helmet

फेसबुक पर वायरल हो रहे अपडेट को चार घंटे में 2,000+ shares मिलना तो आम बात है पर ये मुद्दा बेहद खास है. गोपा कुमार नामक शख्स अपनी Tata Nexon में फैमिली के साथ जा रहे थे. ट्रैफिक पुलिस ने रोका और थमा  दिया चालान जिसमें हेलमेट न पहनने के लिये उन्हें ठहराया गया था कसूरवार.

अब सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह उठ रही है आवाज – “केरल पुलिस के कारनामों में एक और नई बात हुई, Shasthankota Chavara route पर जा रही ‘Tata Nexon’ के ओनर को हेलमेट न पहनने की सजा मिली.”

हालाँकि ये गलती तो खुलेआम दिख रही है पर जरूरी है कि इसके दूसरे पहलू पर भी गौर फरमाया जाये. अगर गोपा कुमार ने किसी भी तरह की कोई मिस्टेक की है जो फोर वीलर में होना लाजिमी है तो ये भी संभावित है कि चालान गलती से अदल-बदल हो गया हो.

कुछ चालान के mixup होने की भी संभावना रहती है. ये चालान तैयार तो किसी टू वीलर के लिये किया गया हो जिसका राइडर बगैर हेलमेट के था पर जल्दबाजी में थमा दिया गया हो गोपा कुमार को. मान लो गोपा कुमार ने सीट बेल्ट न पहना हो तो उनका चालान तो सही बना पर ट्रैफिक के चलते जल्दबाजी में किसी टूवीलर राइडर के हाथ में दे दिया गया हो.

कुछ समय पहले ऐसा ही एक वाकया गोवा में हुआ था जब जब एक बाइक राइडर को ऐसा कुछ चालान मिला कि उसकी हँसी छूट गई. Royal Enfield के राइडर को ‘not wearing a seat belt’ का चालान जारी किया गया था.

ट्रैफिक कॉप्स जल्दी में रहते हैं- ये तो दिखती-सी बात है. ट्रैफिक जाम लगने से बचाने की जिम्मेदारी के चलते वे जल्दी में चालान काटकर देते हैं. इधर राइडर्स भी तो कम जल्दी में नहीं रहते. वे ऑफेंस करते हैं और जल्दी से अपना फाइन देकर चलते बनते हैं. इन हालात में हडबडी में ऐसी गलती होना कोई बड़ी बात नहीं है.

इतने बड़े भारतदेश में चालान की अदलाबदली कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. यहाँ किसी को भी पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. अगर कोई और देश हो तो किसी नंबर से दुबारा फाइन कलेक्ट होते ही विभाग सचेत हो जाता है. उस ड्राईवर के लाइसेंस की पूरी जांच-पड़ताल होती है. उसके इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी प्रभाव पड़ सकता है.